- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- हिमाचल विधानसभा में...
हिमाचल विधानसभा में राष्ट्रगीत विवाद के विरोध में BJP का प्रदर्शन, द रिज पर गूंजा ‘वंदे मातरम’

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगीत को लेकर उठे विवाद के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को शिमला के ऐतिहासिक द रिज मैदान पर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा नेताओं, विधायकों और पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत के सम्मान और उसके पूर्ण गायन को लेकर अपनी बात रखी। पार्टी नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश की स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ गीत है और इसके सम्मान को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने आज शिमला के रिज मैदान स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।
— BJP Himachal Pradesh (@BJP4Himachal) August 23, 2026
इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी… pic.twitter.com/gKMSjg89Ve
द रिज पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा विधायक दल के सदस्य, पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राष्ट्रगीत को लेकर विधानसभा के भीतर जो स्थिति बनी, उसका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में इस गीत ने लोगों को एकजुट करने और उनमें राष्ट्रभावना पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में इसके सम्मान को लेकर किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा में राष्ट्रगीत से जुड़ा विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। पार्टी ने इस मामले को लेकर सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
रविवार को द रिज पर हुए प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर पार्टी का पक्ष रखा।
भाजपा का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ का देश के स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष स्थान है। बंगाल विभाजन के विरोध से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों तक इस गीत ने लोगों में राष्ट्रीय चेतना जगाने में भूमिका निभाई। यही कारण है कि पार्टी इस गीत से जुड़े किसी भी विवाद को गंभीरता से ले रही है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विषयों पर सभी दलों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में राजनीतिक दृष्टिकोण से ऊपर उठकर राष्ट्रीय भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। भाजपा नेताओं ने कहा कि रविवार का प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर पार्टी की आपत्ति दर्ज कराने के लिए आयोजित किया गया था।
द रिज पर प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी के कारण क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज नजर आईं। पार्टी नेताओं ने सामूहिक गायन के जरिए अपना संदेश लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। करीब डेढ़ घंटे तक चले कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक दल और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता प्रदर्शित की।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने यह संकेत भी दिया कि वह विधानसभा में उठे राष्ट्रगीत से जुड़े मुद्दे को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में भी इस विषय को राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उठाया जाएगा।
भाजपा के अनुसार, राष्ट्रगीत का सम्मान केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय विरासत से जुड़ा विषय है। पार्टी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के प्रति लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
विपक्षी दल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी के आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी देखने को मिली। महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सामूहिक गायन के जरिए भाजपा ने अपने विरोध को प्रतीकात्मक रूप से भी प्रस्तुत किया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उठे इस विवाद ने पार्टी को विरोध दर्ज कराने के लिए मजबूर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत से संबंधित विषय को जिस तरह से देखा गया, वह उचित नहीं है। पार्टी का कहना है कि ऐसे मुद्दों पर स्पष्टता और सम्मान दोनों जरूरी हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत के समर्थन में नारे लगाए और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया। इससे द रिज पर माहौल राजनीतिक होने के साथ-साथ राष्ट्रवादी नारों से भी गूंजता रहा।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में विधानसभा के भीतर और बाहर राष्ट्रगीत को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। भाजपा ने इसे लेकर सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। वहीं, पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और राष्ट्रगीत के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता जताने का माध्यम है।
रविवार को हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में पार्टी ने एकजुट होकर ‘वंदे मातरम’ के सम्मान का संदेश दिया।
द रिज पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया। सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गाकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा में उठे विवाद के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।





